शिमला में एचआरटीसी के कुशल परिवहन संचालन से मिनी बस हड़ताल रहा बेअसर
शिमला, हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में निजी मिनी बस ऑपरेटरों द्वारा घोषित हड़ताल का सोमवार को कोई खास असर नहीं दिखा क्योंकि हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) ने पूरे शहर में सार्वजनिक परिवहन का कुशलतापूर्वक निर्बाध संचालन जारी रखा।
शहर के विभिन्न मार्गों पर चलने वाली लगभग 74 निजी मिनी बसों ने अपनी मांगों को लेकर तीन-चार नवंबर को दो दिवसीय हड़ताल और चक्का जाम की घोषणा की है। हालांकि, जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और एचआरटीसी द्वारा अतिरिक्त बसों की तैनाती से कल पूरे दिन लोगों की आवाजाही सामान्य रही।
उल्लेखनीय है कि कल यातायात भीड़भाड़ सामान्य से काफी कम थी तथा मिनी बसों के सडक़ पर नहीं चलने से शहर में वाहनों का आवागमन सुचारू रहा।
एचआरटीसी के महाप्रबंधक देव सेन नेगी अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ परिचालन पर व्यक्तिगत रूप से न•ार रखे हुए थे और यह सुनिश्चित कर रहे थे कि यात्रियों को कोई असुविधा न हो। निगम ने हड़ताल से प्रभावित सभी मार्गों पर विशेष बसों की व्यवस्था की, जिससे यात्रियों के लिए निर्बाध आवागमन सुनिश्चित हुआ।
हालांकि, 20 किलोमीटर से अधिक दूरी तक यात्रा करने वाले निजी बस संचालकों ने स्वयं को विरोध प्रदर्शन से दूर रखा जिससे हड़ताल का प्रभाव और कमजोर हो गया।
आम जनता, विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों और दैनिक यात्रियों ने एचआरटीसी की समय पर और अनुशासित प्रतिक्रिया की सराहना की। कई यात्रियों ने चालकों और कंडक्टरों सहित एचआरटीसी कर्मचारियों के विनम्र एवं कुशल व्यवहार की सराहना की।
हिमाचल प्रदेश सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के एक पूर्व निदेशक ने भी निगम के प्रयासों की सराहना की तथा सरकार से आग्रह किया कि वह शिमला में सभी स्थानीय मार्गों पर एचआरटीसी को परिचालन की अनुमति प्रदान करने पर विचार करे।
मिनी बस हड़ताल के समाप्त होने तथा नागरिकों द्वारा एचआरटीसी की विस्तारित भूमिका का समर्थन करने के साथ, सरकार से राज्य की राजधानी में अपने स्वयं के बेड़े में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने की मांग तेज हो गई है।










